एनईआर में थिक वेव स्विच से लूप लाइन में बढ़ेगी ट्रेनों की रफ्तार
ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने की दिशा में पूर्वोत्तर रेलवे को एक और कामयाबी हाथ लगी है। पूर्वोत्तर रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग ने गोरखपुर-गोण्डा रूट पर थिक वेव स्विच लगा रहा है। इसके लगने से लूप लाइन में भी ट्रेनों की स्पीड बढ़ जाएगी। काम के पूरा हो जाने पर लूप लाइन जहां अभी ट्रेनों की अधिकतम स्पीड 30 किमी प्रतिघंटा है वह बढ़कर 50 किमी प्रतिघंटा तक हो जाएगी।
रेलवे ट्रेनों की गति को बढ़ाने के साथ ही रेलवे ने तकनीक के जरिए ट्रेनों का सफर आसान बनाने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया है। थिक वेव स्विच की मदद से 50 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार में ही ट्रेनें ट्रैक बदल सकेंगी। मेल से लूप लाइन में जाने के लिए ट्रेनों को गति एकदम से कम नहीं करनी होगी। समय की बचत होती तो यात्रियों को इसका लाभ मिलेगा। गोरखपुर-गोण्डा रूट पर खलीलाबाद स्टेशन पर पांच थिक वेव स्विच लगा दिए गए हैं। जल्द ही सहजनवा, जगतबेला, मगहर स्टेशनों पर भी स्विच लगा दिए जाएंगे। इसके लिए विभाग लगातार थिक वेव स्विच को नार्मल स्विच से बदलने के कार्य में जुटा है।
संरक्षा के साथ ही स्पीड़ बढ़ेगी
रेल सुरक्षा और संरक्षा की दिशा में तमाम प्रयास करने के बाद रेलवे का अगला मिशन ट्रेनों की गति में इजाफा करना है। थिक वेव स्विच इसी अध्याय में नई कड़ी है। इसके जरिए ट्रेनें 50 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार में भी ट्रैक बदल सकेंगी। फिलहाल मुख्य लाइन से लूप लाइन में जाने के लिए ट्रेनों की गति 30 किमी प्रतिघंटा करनी पड़ती है। इस प्रक्रिया में समय लगता है और ट्रेनें भी लेट होती हैं।
इस तरह काम करेगा थिक वेब स्विच
खलीलाबाद स्टेशन के पास थिक वेव स्विच लगवा दिया गए हैं। उपकरण मेन लाइन से जुड़े लूप लाइन के पास लगाए गए हैं। अपेक्षाकृत तेज गति में ट्रेन के ट्रैक बदलने में मददगार साबित होंगे। इससे समय की बचत होगी और फायदा यात्रियों को मिलेगा। रेल सेवाओं पर लोगों का भरोसा बढ़ेगा।
सीपीआरओ
गोरखपुर-गोण्डा लाइन पर थिक वेव स्विच लगाए जा रहे हैं। पहले चरण में डाउन लाइन में इसे लगाया जा रहा है। इसका काम पूरा हो जाने के बाद अप लाइन में काम होगा। इससे रफ्तार में बढ़ोतरी होगी।